पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण अभियान
पर्यावरण संवर्धन अभियान
नदी तट स्वच्छता, देवराई संरक्षण, देशी पौधारोपण, जल संचयन और प्लास्टिक मुक्त अभियान।
देशी वृक्षारोपण अभियान
सिंहगढ़ किले, सह्याद्रि पहाड़ी ढलानों और ग्रामीण क्षेत्रों में नीम, बरगद व आंवला के देशी पौधों का रोपण।
- नीम, बरगद, पीपल, आंवला जैसे देशी छायादार वृक्षों का रोपण
- सिंहगढ़ तलहटी और वेताल पहाड़ी पर हरित संवर्धन अभियान
- पौधों की ३ वर्षों तक नियमित देखभाल और सुरक्षा
जल संचयन एवं सीड बॉल्स
पहाड़ी ढलानों पर वर्षा जल रोकना और १ लाख से अधिक सीड बॉल्स का छिड़काव।
- ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कुओं और तालाबों का पुनरुद्धार
- पहाड़ी ढलानों पर समतल खाई (सीसीटी) निर्माण
- स्कूलों में वर्षा जल संचयन प्रणाली की स्थापना
अपशिष्ट एवं प्लास्टिक प्रबंधन
सोसायटियों और स्कूलों में कचरा पृथक्करण एवं जैविक खाद निर्माण कार्यशालाएं।
- मुळा-मुठा नदी तट पर नियमित स्वच्छता अभियान
- सोसायटियों में गीले कचरे से जैविक खाद बनाने की कार्यशालाएं
- एकल-उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध जनजागृति कार्यक्रम
धरातल पर वास्तविक कार्य • जमीनी छायाचित्र
तलजाई पहाड़ी, पुणे में विशाल देशी पौधारोपण अभियान
स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों के सहयोग से सह्याद्रि क्षेत्र में हरित संवर्धन कार्य।
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१ पेड़ गोद लें अभियान
केवल ₹ २५० में १ देशी पेड़ लगाएं और हमारे स्वयंसेवकों के माध्यम से ३ वर्षों तक उसकी देखभाल सुनिश्चित करें।